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बाबा भूतनाथ अघोरी द्वारा केक काटकर गुरु पूर्णिमा पर गुरु बम बम नाथ का किया आदर अभिनंदन

ताजा रिपोर्ट विनोद खन्ना

*बाबा भूतनाथ अघोरी द्वारा केक काटकर गुरु पूर्णिमा पर गुरु बम बम नाथ का किया आदर अभिनंदन*

हनुमानगढ़।✍️ विनोद खन्ना एण्ड मदनलाल पण्डितांवाली।

गुरु पूर्णिमा पर कहते है कि गुरु पूजा का विधान है। इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। ये चार महीने मौसम की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ होते हैं। इसलिए अध्ययन के लिए उपयुक्त माने गए हैं । शास्त्रों के अनुसार बताया जाता है कि यह जैसे सूर्य के ताप से तप्त भूमि को वर्षा से शीतलता एवं फसल पैदा करने की शक्ति मिलती है, ऐसे ही गुरुचरण में उपस्थित साधकों को ज्ञान, शांति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है।देश के प्रत्येक प्रदेश में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिरों व आश्रमों को भव्य रूप देकर सजाया गया। जैसे ही सुबह हुई वैसे ही मंदिरों व आश्रमों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। वहीं उज्जैन नगरी के महाकाल के दरबार में भी बाबा बम बम नाथ के आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़े हर्षोंउल्लास के साथ आयोजित समारोह में शिष्यों ने गुरुओं का तिलक कर आर्शीवाद लिया और आरती कर मंगल गीत गाए। वहीं पंजाब में अपने शिष्य के घर स्थित मोगा जिले की न्यू करतार नगर में राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के छोटी आयु में बने अघोरी संत बाबा भूतनाथ अघोरी ने अपने उज्जैन के गुरु बाबा बम बम नाथ के प्रति सम्मान व आस्था के साथ अपने गुरुजन बम बम नाथ के नाम का केक काट गुरु के चरण स्पर्श कर गुरु का अभिनंदन किया। बाबा भूतनाथ अघोरी ने कहा कि गुरु की महिमा अपार है गुरु के बिना जीवन का कोई आधार नहीं। सभी को अपने गुरुओं का हमेशा सम्मान करना चाहिए। वही बाबा ने बताया कि इस तरह के पर्व आने वाली पीढ़ी के मन में भी अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा एवं समान कायम रखने में मदद करते हैं

*सत्संग कर किया गुरु की महिमा का गुणगान*

गुरु पूर्णिमा पर केक का प्रसाद का वितरण किया गया। वही आरती के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। भंडारे का प्रसाद सभी आए हुए भक्तों में वितरण किया गया । वही सत्संग कर गुरु की महिमा का गुणगान किया गया। संगत ने इसका भरपूर आनंद लिया। मौके पर दान सिंह, इंद्रजीत कौर, लखविंदर सिंह, सोनू , राजा सिंह, शारदा, कृष्ण सिंह, गुरमीत कौर जसविंदर सिंह भारी संख्या में भक्त मौजूद रहे।

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